फतेहपुर, मार्च 14 -- फतेहपुर, कार्यालय संवाददाता। चौफेरवा में ट्रिपल डेथ में खुदकुशी के लिए प्रेरित करने के आरोप में नामजद वकीलों की जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। आरोपितों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना हत्या है,न की खुदकुशी, ऐसे में वकीलों पर प्रेरित करने का आरोप गलत है। आरोपित अधिवक्ता हैं, ऐसे में उन्हें जमानत दिया जाना चाहिए। अभियोजन की दलीलों के अधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट-दो अजय सिंह प्रथम ने वकीलों की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि कानून के सामने सब बराबर हैं, वह अधिवक्ता हो या जन सामान्य। बता दें चौफेरवा निवासी सुशील श्रीवास्तव ने बेटे अमर, पत्नी सुशीला और भाई सुनील की खुदकुशी के मामले में दो अधिवक्ता समेत पांच लोगों पर आरोप लगाते हुए केस कराया था। सुसाइड नोट के आधार पर दर्ज केस में पुलिस ने अधिवक्ता दिलीप त्रिवेदी, स...
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