कानून के शासन में न तो 'सिंघम' की जरूरत है और न ही 'पुष्पा' की, नेताओं की दबंगई पर कोर्ट की टिप्पणी
नई दिल्ली, जुलाई 5 -- दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने सत्ता के मद में चूर नेताओं की दबंगई पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि कानून के शासन में न तो किसी 'सिंघम' की जरूरत है और न ही किसी 'पुष्पा' की। कोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि का हथियार का प्रदर्शन करना समाज को गलत संदेश देता है। कोई भी जनप्रतिनिधि कानून से ऊपर नहीं होता है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की कोर्ट ने यह टिप्पणी वर्ष 2018 के हर्ष फायरिंग में डॉ. अर्चना गुप्ता की मौत से जुड़े मामले में बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को चार वर्ष की सजा सुनाते हुए की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि फिल्मी किरदारों की तरह बंदूक चमकाना और रसूख का प्रदर्शन करना बहादुरी नहीं, बल्कि कानून की धज्जियां उड़ाना है। यह भी पढ़ें- BJP MLA करनैल सिंह मुश्किलें बढ़ीं, सत्येंद्र जैन की शिकायत...
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