नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- नई दिल्ली। पिछले कुछ सालों, खासकर कोरोना महामारी के बाद से देश में नकली दवाओं का कारोबार तेजी से बढ़ा है। स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि देश में नकली दवाओं का कारोबार 25 फीसदी तक पहुंच गया है। लेकिन, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम में व्याप्त कुछ कमियां और संसाधनों की कमी नकली दवा के कारोबारियों पर नकेल कसने और इसके अंतरराज्यीय रैकेट को खत्म करने में आड़े आ रही हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में देश में नकली दवाओं लगाम लगाने के लिए हुई एक चर्चा में भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि कानून में व्याप्त कुछ कमियां नकली दवा के कारोबारियों के रैकेट को खत्म करने में बाधा बनी हुई है। एनएचआरसी में हाल ही हुई इस चर्चा में भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) के संयुक्त औषधि नियंत्र...
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