कानपुर, अप्रैल 15 -- किडनी के सौदागर कानपुर में रीजनल ऑफिस चला रहे थे। इस अवैध धंधे के कारोबार को बढ़ाने के लिए इन लोगों ने कानपुर ही नहीं बल्कि यूपी के प्रयागराज, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा जैसे बड़े शहरों में ऐसे एजेंट तैयार किए जो किडनी मरीज को फंसाते थे। पुलिस को ऐसे ही एक एजेंट की तलाश है जो प्रयागराज में मास्टरमाइंड रोहित का काम संभालता था। विभागीय सूत्र बताते हैं कि किडनी का काला कारोबार वेस्ट यूपी से संचालित हो रहा था जिसके तार दिल्ली और हरियाणा के बड़े सफेदफोशों से जुड़े हैं। फिलहाल पुलिस फरार दो आरोपियों अफजल और अली की तलाश में जुटी है। रावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में बीते 29 मार्च को बिहार के बेगूसराय निवासी एमबीए छात्र आयुष कुमार की किडनी मुफ्फरनगर की पारुल तोमर को लगाई गई। ऑपरेशन के दूसरे दिन पारुल को प्रिया हास्पिटल...