प्रमुख संवाददाता, दिसम्बर 29 -- कोहरे के कहर के बावजूद कानपुर से रोजाना तीन या चार फ्लाइटें आ-जा रही हैं, लेकिन बीते 10 सालों में पहली बार ऐसा मौका दिखा है, जब यात्री लोड कम नहीं हो रहा है। फ्लाइटों में औसतन लोड साढ़े तीन से साढ़े चार सौ यात्री रोजाना है। इसे एयरलाइन कंपनियों के हिसाब से बेहतर और सफल फ्लाइट लोड माना जाता है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के निदेशक का कहना है कि किसी विमान में क्षमता का 60 फीसदी यात्री लोड है तो वह सेवा सफल मानी जाती है। मौजूदा में यात्री लोड 80 फीसदी से अधिक चल रहा है। इंडिगो में क्रू की कमी और तकनीकी खामी की वजह से भले ही दिसंबर में कुछ समय को सेवाएं बाधित हुई हैं। पिछले दस सालों में कोहरे के दौरान एसा मौका आया है कि सभी फ्लाइटें आ और जा रही हैं। अभी तक रिकार्ड था कि कोहरे में फ्लाइटें कई दिनों तक निरस्त होती थी। इस ...
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