प्रमुख संवाददाता, अप्रैल 4 -- UP News: कानपुर किडनी कांड में शुक्रवार को नया खुलासा हुआ। पिछले शनिवार रात को केशवनगर के आहूजा अस्पताल में आयूष की किडनी निकालकर पारुल को लगाने वाली आठ लोगों की टीम में एक भी सर्जन नहीं था। सब के सब झोलाछाप थे। जिस अली को डॉक्टर बताया जा रहा था, वह भी ओटी मैनेजर निकला। उसका पूरा नाम मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉक्टर अली है और दिल्ली के उत्तम नगर का रहने वाला है। पुलिस की एक टीम ने शुक्रवार को उसके घर में छापा भी मारा। हालांकि मोबाइल बंद कर वह फरार हो गया। उसकी पत्नी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अली डॉक्टर नहीं है। किडनी कांड में गुरुवार को गिरफ्तार किए गए गाजियाबाद के ओटी मैनेजर राजेश कुमार और ओटी असिस्टेंट कुलदीप सिंह राघव को जेल भेज दिया गया है। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक दोनों ने बताया कि अली कि...
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