संवाददाता, अप्रैल 9 -- जामताड़ा की तरह कानपुर के रेउना का रठि गांव पूरे जिले में साइबर ठगी के लिए मशहूर है। करीब एक दशक से यहां युवाओं की एक बड़ी टीम सक्रिय है जो सुबह से ही इस काम में जुट जाती है। चेहरे से साधारण दिखने वाले शातिर बड़े-अधिकारियों और व्यापारियों को बातों में फंसा कर लाखों रुपये पार कर देते हैं। ठगी के खेल में युवाओं ने यहां करोड़ो रुपये कमाये हैं। सब कुछ जानते हुए भी पुलिस की कार्रवाई नगण्य रही है। पहली बार यहां कार्रवाई हुई है। ।कानपुर का रठि गांव बना मिनी जामताड़ा रेउना के रठि गांव में पिछले एक दशक से मिनी जामताड़ा फलफूल रहा है। इस गांव के 12वीं फेल लड़कों ने अब तक देशभर के 4000 से ज्यादा लाोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया। और लाखों रुपए का चूना लगा चुके हैं। किसी को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के नाम पर फंसाया तो किसी को ...