प्रयागराज, मार्च 24 -- शहर के शक्तिपीठ मंदिरों में नवरात्र के छठवें दिन मां भगवती के कात्यायनी स्वरूप का दर्शन-पूजन करने के लिए भक्तों की आस्था पहुंचती रही। खासतौर से भोर से लेकर दोपहर एक बजे तक और शाम की शृंगार आरती के बाद से लेकर मध्यरात्रि की शयन आरती के बीच दरबार में मत्था टेकने के दौरान परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। भक्त जयकारों के बीच मां की अलौकिक छटा को एकटक निहारते दिखे और परिजनों की सुख-समृद्धि का आशीष मांगा। मां ललिता देवी व मां कल्याणी देवी मंदिर के परिसर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ में भक्तों ने आहुतियां डाली। महिला मंडली की ओर से भजन संध्या में देवी गीतों की प्रस्तुति के बीच भक्त परिक्रमा लगाते रहे। मां अलोपशंकरी मंदिर में शाम की शृंगार आरती के बाद परिसर के बाहर भक्तों की कतार लगी रही। हर कोई चांदी जड़ित मां के पालने...
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