वाराणसी, जून 30 -- वाराणसी। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर आस्थावान भक्तों के प्रेमसिक्त अभिषेक ने सैकड़ों वर्ष से अनवरत चली आ रही परंपरा को जीवंत कर दिया। अत्यधिक स्नान से बहन सुभद्रा और भ्राता बलभद्र के साथ प्रभु जगन्नाथ अस्वस्थ हो गए। मंगलवार शाम प्रभु जगन्नाथ को काढ़ा का भोग लगाया गया। इसके बाद भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ वह एकांतवास में चले गए। मंदिर में उमड़े भक्तों ने जय जगन्नाथ के घोष के साथ काढ़ा प्रसाद ग्रहण किया और प्रभु के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मंगलवार की संध्या मंदिर के प्रधान पुजारी राधेश्याम पांडेय ने कालीमिर्च, लौंग, छोटी-बड़ी इलायची, जायफल, खांडसारी और तुलसी से तैयार विशेष काढ़ा प्रभु को अर्पित किया। यह भी पढ़ें- राधा-कृष्ण मंदिर में धूमधाम से मनी स्नान पूर्णिमा पुजारी ने स्वयं चूल्हे पर इस काढ़े को तैयार किया। धार्मिक ...