हाजीपुर, नवम्बर 11 -- चेहराकलां, सं.सू. काटने में देरी होने से पुनः अंकुरित होने लगी है पानी में गिरी हुई धान की फसल। धान फसल कटनी होने को तैयार होते ही एक पखवाड़े पूर्व हुई मोंथा चक्रवात की भारी बारिश ने डूबो दिया था। बेमौसम हुई मोंथा चक्रवात की बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी। एक तरफ यहां तैयार हाइब्रिड धान फसल की कटनी की जा रही थी, सो खेत में जलजमाव होने से सड़गलकर बर्बाद हो गई। वहीं रोपनी की गई नकदी सह मिश्रित फसल तंबाकू, आलू, लहसून, धनिया, फूलकोवी, बकला, सरसों आदि अन्य फसल भी बर्बाद हो गई। चेहराकलां -01 धान की बर्बाद फसल।
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