बिजनौर, सितम्बर 25 -- विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर जिले में दवा कारोबार का एक चिंताजनक सच सामने आ रहा है। कागजी कार्रवाई में तो जिले भर के फुटकर मेडिकल स्टोरों पर योग्य फार्मेसिस्ट तैनात दिखाए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। अधिकांश दुकानों के काउंटरों से फार्मेसिस्ट गायब हैं और किराए की डिग्री के सहारे अप्रशिक्षित और नौसिखिए लोग मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। ​विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बिजनौर जिले में करीब 4,000 मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं। इनमें से लगभग 2,500 फुटकर दवा विक्रेता हैं, जबकि शेष थोक कारोबारी हैं। नियमों के मुताबिक, किसी भी रिटेल मेडिकल स्टोर पर मान्यता प्राप्त फार्मेसिस्ट की भौतिक मौजूदगी में ही दवाओं की बिक्री की जा सकती है, ​लेकिन बाजार सूत्रों की मानें तो जिले के अधिकांश रिटेल काउंटरों पर फार...