चंदौली, मई 2 -- चंदौली। जिले में राजकीय पुस्तकालय निर्माण की योजना कागजों में दबकर रह गई है। कारण की जिले में 15 साल में भी राजकीय पुस्तकालय निर्माण के लिए जमीन की तलाश पूरी नहीं हो पायी है। आलम यह है कि आज भी एक पतली गली में किराए के मकान में लाइब्रेरी संचालित हो रही है। इससे यहां तक छात्र-छात्राएं और अन्य लोग पहुंच नहीं पाते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अन्य पाठ्यक्रमों से जुड़ी पुस्तकों के लिए छात्र-छात्राओं को इधर-उधर भटकना पड़ता है। आकांक्षात्मक जिलों में शामिल इस जिले की मिट्टी से कई मेधावी छात्र-छात्राएं अपनी बदौलत तैयारी कर अपना परमच लहरा रहे हैं। लेकिन इन्हें राजकीय पुस्तकालय सहित अन्य पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पाती है। इससे ऊंचे दामों पर किताबें खरीदकर तैयारी करनी पड़ती है। जबकि प्रदेश सरकार का राजकीय पुस्तकालय और डिजि...
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