हरदोई, दिसम्बर 8 -- हरदोई। सन् 1996 में माता पिता की मौत होने के बाद 13 वर्षीय किशोर को मृत दर्शा दिया गया। इसके दो साल बाद उसकी जमीन को जलसाजी तरीके से बैनामा करा लिया गया। करीब 10 साल तक दौड़भाग के बाद पीड़ित को खुद को कागजों पर जीवित साबित कराने के बाद दोषियों तीन सगे भाइयों पर मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपितों में सचिव की मौत हो चुकी है। कोतवाली देहात क्षेत्र के महोलिया शिवपार मजरा हरीनगर निवासी आशुतोष पांडेय उर्फ विश्वनाथ पांडेय ने बताया कि वह टड़ियावां थाना क्षेत्र के बहोरवा गांव का मूल निवासी है। 1996 में उसके दिव्यांग पिता रामनाथ पांडेय व माता कोकिला की मृत्यु हो गई थी। उस समय उसकी उम्र 13 वर्ष थी। माता पता की मौत के बाद वह अपनी बुआ के घर जाकर रहने लगा। बुआ ने ही पालन पोषण किया। वहीं उसकी शादी भी हो गई। करीब दस साल पहले वह अपने पैतृक गा...
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