कानपुर, जून 4 -- सिकंदरा। सिकंदरा कस्बे में निर्मित कांशीराम आवासों का करीब डेढ़ दशक बाद भी लाभार्थियों का चयन न होने से अराजकतत्वों का अड्डा बन गया है। नगर पंचायत प्रशासन की रहनुमाई से बिजली चोरी से लेकर मुफ्त में अड्डा जमा रखा है। बसपा सरकार में निर्मित कांशीराम आवास योजना के तहत करीब 200 आवास गरीबों के सिर छुपाने के लिए बनाये गये थे। इतनी लंबी अवधि बीत जाने के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन पात्रों का चयन नहीं कर सका, जिससे लाखों की कीमत से तैयार किये गये आवास बीरान पड़े थे। आवास खाली पड़े देखकर अराजकतत्वों ने आवासों पर नगर पंचायत की मौन स्वीकृति के चलते अवैध कब्जा कर लिया। आवासीय योजना में रह रहे अवैध कब्जेदारों का हाल यह कि अपराधिक गतिविधियों से लेकर नशे का केंद्र बन गया है। कांशीराम आवासों के निर्माण का शासन का अभियान बेमकसद साबित हो रहा है...