हरिद्वार, अगस्त 5 -- कांवड़ मेले में तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भीड़ प्रबंधन, आपदा से निपटने और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की एक बड़ी कार्यशाला भी है। लाखों श्रद्धालुओं के बीच निरंतर सेवाएं देना चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ संतोष का विषय भी है। कांवड़ कंट्रोल यूनिट के सहायक नोडल अधिकारी डॉ. यशपाल तोमर ने कहा कि मेले के दौरान हर पल सतर्क रहना पड़ता है। किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में त्वरित निर्णय और समन्वय सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि इस मेले से टीमवर्क और आपदा प्रबंधन की व्यावहारिक सीख मिलती है। यह भी पढ़ें- कांवड़ यात्रा में जीवनदायिनी बनी 108 एम्बुलेंस, पांच दिन में 400 श्रद्धालुओं को समय रहते पहुंचाया अस्पताल बैरागी कै...