हरिद्वार, फरवरी 11 -- श्रावण मास के कांवड़ मेले के अंतिम चरण में आस्था चरम पर है। हरिद्वार से गंगा जल लेकर सैकड़ों कांवड़िये गंतव्य की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। सीमावर्ती जिलों बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, रामपुर और पीलीभीत से पहुंचे श्रद्धालु बोल भोले की बम के जयकारों के साथ भक्ति में लीन होकर कठिन जंगल मार्ग पार कर रहे हैं। कांवड़िये हरिद्वार से पूर्वी गंगा नहर पटरी होते हुए रसियाबड़ के जंगलों से गुजरकर रवासन नदी और कोटावाली नदी की ओर पुरानी हरिद्वारी सड़क मार्ग से बढ़ रहे हैं। रसियाबड़ नहर पटरी से रवासन नदी के पास स्थित गूजर बस्ती तक करीब चार किलोमीटर का रास्ता जंगल से होकर है। जंगली जानवरों के भय के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हो रहा है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच क्षेत्र में भक्ति का माहौल बना हुआ है। ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.