गाज़ियाबाद, अगस्त 8 -- - मथुरा निवासी भूरी सिंह अपने दो बच्चों के साथ हरिद्वार से ला रहे कांवड़ गाजियाबाद, मोहित शर्मा। आस्था और अटूट श्रद्धा के आगे उम्र मायने नहीं रखती। इसका जीवंत उदाहरण 76 वर्षीय भूरी सिंह हैं, जो इस उम्र में भी युवाओं जैसी ऊर्जा के साथ अपने बेटों के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे हैं। उनका उत्साह कांवड़ मार्ग पर चल रहे श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है। यह भी पढ़ें- कांवड़ : लाखन रोज हाथों के सहारे सात किलोमीटर चल रहेकांवड़ यात्रा का संकल्प मथुरा जिले के कोसीकलां के रहने वाले भूरी सिंह ने बताया कि परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना लेकर उन्होंने इस वर्ष कांवड़ यात्रा का संकल्प लिया। हरिद्वार रवाना होने से पहले उन्होंने ब्रज क्षेत्र की 84 कोस परिक्रमा भी पूरी की। इसके बाद बेटो...