कांवड़ियों में बढ़ा भारी भरकम कलश यात्रा का क्रेज
बागपत, जुलाई 31 -- बागपत। कांवड़ यात्रा का स्वरूप साल दर साल बदल रहा है। इस बार स्टील के बड़े कलशों वाली कांवड़ ने यात्रा की टाइमिंग ही बदल दी है। पहले जहां अधिकांश शिवभक्त कांवड़ यात्रा पूरी करने में 10 से 13 दिन का समय लेते थे वहीं अब स्टील के कलश और भारी कांवड़ के बढ़ते चलन के कारण यात्रा पूरी करने में 15 से 18 दिन लग रहे हैं। यही वजह है कि इस बार बड़ी संख्या में कांवड़िए सावन शुरू होने से पहले ही गंगाजल लेकर बागपत से गुजरने लगे थे। अब इनकी संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों के शिवभक्त बागपत से होकर गुजरते हैं। शिवभक्त 11 लीटर से 200 लीटर तक गंगाजल स्टील कलश में भरकर बोल बम के जयकारा लगाते हुए मंजिल की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। सनातन धर्म में कांवड़ यात्रा को तीर्थ समान माना गया है। बांस के डंडों में दोनों तरफ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.