शाहजहांपुर, नवम्बर 30 -- अलियापुर गांव में बीड़ी की चिंगारी से लगी आग ने 60 वर्षीय रामपाल की जान ले ली। शुक्रवार देर रात झोपड़ी में सो रहे रामपाल फंसे रहे और आग में झुलसकर मौके पर ही उनकी मौत हो गई। रामपाल लंबे समय से सांस की बीमारी और हाल ही में पैरालाइसिस अटैक के कारण चलने-फिरने और तेज बोलने में असमर्थ थे। परिजन बताते हैं कि रामपाल घर के बाहर बनी झोपड़ी में जमीन पर पुआल बिछाकर सोते थे और रोशनी के लिए मोमबत्ती जला कर रखते थे। बीमारी के चलते परिजनों ने उन्हें बीड़ी पीने से रोक रखा था, लेकिन रामपाल चोरी-छिपे पड़ोसियों से मांगकर बीड़ी पी लिया करते थे। बीड़ी की चिंगारी से ही झोपड़ी में आग लग गई। उनके बड़े बेटे अनेश अपने परिवार के साथ अंदर मकान में सो रहे थे, जबकि दिव्यांग छोटा बेटा दिनेश भी पास था, जिससे कोई भी आग की आगाह नहीं कर पाया।
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