चंदौली, फरवरी 23 -- विशुनपुर, हिन्दुस्तान संवाद। सदर विकास खंड क्षेत्र के कांटा गांव में स्वच्छता की तस्वीर बदलने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से कूड़ा प्रबंधन केंद्र की स्थापना की गई थी। योजना का उद्देश्य गांव को स्वच्छ और गंदगी से मुक्त बनाना था ताकि घर-घर से निकलने वाला कचरा एकत्र कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सके। हकीकत इसके उलट है। केंद्र आज तक चालू नहीं हो सका और बदहाल हालत में शो-पीस बना खड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र का निर्माण सालों पहले पूरा हो चुका है। भवन, शेड और कचरा अलग करने की जगह भी तैयार है लेकिन न तो नियमित रूप से कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था शुरू हुई और न ही वहां किसी कर्मचारी की तैनाती की गई। नतीजतन गांव का कचरा आज भी सड़कों और खाली स्थानों पर फेंका जा रहा है। बरसात के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.