नई दिल्ली, फरवरी 6 -- दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता अलका लांबा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती दी थी। मजिस्ट्रेट ने 2024 में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले से जुड़े एक मामले में आरोप तय करने का निर्देश दिया था।स्पेशल जज दिग विनय सिंह ने दिसंबर 2025 के आदेश के खिलाफ लांबा की रिवीजन याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यह निष्कर्ष निकालने में अपने न्यायिक विवेक का इस्तेमाल किया था कि उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है।मजिस्ट्रेट ने आरोप तय करने का आदेश दिया था अभियोजन पक्ष ने कांग्रेस नेता पर 29 जुलाई 2024 को जंतर-मंतर पर महिला आरक्षण के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करते समय पुलिस को रोकने और सार्वजनिक सड़क को ब्लॉक करने का आरोप लगाया ...