नई दिल्ली, मार्च 28 -- केरल विधानसभा चुनाव प्रचार के रफ्तार पकड़ने के साथ कांग्रेस की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। पार्टी में जहां अंदरूनी झगड़े बढ़ रहे हैं, वहीं वह संगठन के स्तर पर भी कई मुश्किलों का सामना कर रही है। केरल में नौ अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। कांग्रेस लगातार दस वर्षों से प्रदेश में सत्ता से बाहर है। केरल में हर पांच वर्षों में सरकार बदलती रही है, पर वर्ष 2021 में वामपंथी दलों की अगुआई वाले एलडीएफ ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। ऐसे में यह चुनाव बेहद अहम है। कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती एकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल का आभाव है और वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री पद की दावेदारी के लिए ताल ठोंक रहे हैं। ऐसे में पार्टी के लिए चुनाव के वक्त जमीनी स्तर पर तालमेल आसान नहीं है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सभी नेताओं को...