नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- कलकत्ता हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने शुक्रवार को एकल पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कांग्रेस के नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के एक आपराधिक मामले में सख्त कार्रवाई से राहत दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि आपराधिक कानून में किसी आरोपी को इस तरह की अंतरिम सुरक्षा देने का कोई प्रावधान नहीं है। यह भी पढ़ें- नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, कोर्ट ने मिलन प्रधान को राहत वाले आदेश को किया रद्दआपराधिक कानून का प्रावधान पीठ ने कहा कि आरोपी के पास गिरफ्तारी के बाद जमानत मांगने की आजादी है और अगर उसे गिरफ्तारी का डर है, तो वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।मामले की कार्रवाई रद्द जस्टिस ओम नारायण राय वाली पीठ ने गुरुवार के उस आदेश को भी...