नई दिल्ली, मार्च 12 -- Fuel Crisis in Asia: ईरान पर अमेरिकी-इजरायल हमले के बाद मध्य-पूर्व में छिड़े संघर्ष और तेल-गैस की कीमतों में भारी उछाल के बीच भारत समेत सभी एशियाई देशों ने ऊर्जा बचाने और आर्थिक असर को कम करने के लिए कई आपात कदम उठाए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार एशिया अपनी कुल तेल जरूरतों का लगभग 60% मध्य-पूर्व से आयात करता है, इसलिए ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव का असर इस क्षेत्र पर सबसे ज्यादा पड़ता है। इंधन संकट को देखते हुए भारत ने रणनीतिक तेल भंडार का उपयोग, रूस से तेल आयात में वृद्धि, और घरेलू रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश जैसे कड़े कदम उठाए हैं। इसके अलावा सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए कड़ी निगरानी कर रही है, वैकल्पिक आपूर्ति मार्ग तलाश रही है, और खुदरा कीमतों को स्थिर रखने का प्रयास कर रही है। भारत ने आपात प्रावधानो...
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