नई दिल्ली, मार्च 3 -- औसाफ सईद, पूर्व सचिव, विदेश मंत्रालय अमेरिका और इजरायल ने साझा हवाई हमले करके ईरान की उस धार्मिक सत्ता-व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म कर दिया, जो दशकों से चली आ रही थी। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नामक इस कार्रवाई में 37 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई अपने अनेक शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ मारे गए। यह ईरान में मात्र नेतृत्व का परिवर्तन नहीं है, बल्कि सन् 1979 से कायम भू-राजनीतिक व्यवस्था का हिंसक रूप से खत्म होना भी है। खामेनेई ने कभी अपने उत्तराधिकारी का नाम सार्वजनिक तौर पर नहीं लिया। यह जान-बूझकर लिया गया फैसला था, लेकिन इसने ईरान के मौजूदा परिदृश्य में एक सांविधानिक संकट पैदा कर दिया है। हालांकि, वहां की 88 सदस्यीय 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट', यानी विशेषज्ञ सभा के पास अगले सर्वोच्च नेता को चुनने की सां...