कहानी से ज्यादा कठिन जासूसी लेखन
लखनऊ, मई 24 -- परिचर्चा लखनऊ, कार्यालय संवाददाता साहित्य सरोज संस्था की ओर से जासूसी कहानियों पर रविवार को प्रेस क्लब में परिचर्चा हुई। कार्यक्रम में जासूसी कथाकार गोपालराम गहमरी को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। साथ ही चैनल लांचिंग भी की गई。
जासूसी लेखन के पहलू अर्चना बाजपेयी ने विविध पहलुओं का जिक्र करते हुए तिलिस्मी कथाओं और जासूसी लेखन को आम कहानियों के लेखन से ज्यादा कठिन बताया। आरबी शर्मा ने कहा कि जासूसी लेखन करने वाला तभी सफल होता है, जब वह शृंगार लेखन करने वाले रचनाकार से ज्यादा बारीकी से उद्घाटित करके कथा को आगे बढ़ाए। धर्म देव सिंह यादव ने कहा कि जासूसी कथाकार तथ्यों का विश्लेषण करते हुए कथा को रुचिकर बनाता चलता है। देवेन्द्र मोदी ने विशेष रूप से जासूसी फिल्मों और जासूसी चरित्रों की चर्चा की। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सच्चिदानंद...
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