लखनऊ, मई 10 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में भी पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रयोग, गतिविधि और प्रत्यक्ष अनुभव से विभिन्न विषयों की शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए लर्निंग बाय डूइंग के तहत बालिकाओं को विज्ञान एवं गणित विषय की अधिक प्रयोगात्मक, रुचिकर और प्रभावी शिक्षा मुहैय्या कराई जाएगी ताकि परिषदीय स्कूलों की भांति कस्तूरबा की बालिकाओं में तर्कशक्ति, समस्या समाधान क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास बढ़ सके।

लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम का क्रियान्वयन इसके लिए सरकार ने निर्देश जारी कर कहा है कि इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए, ताकि प्रदेश की बालिकाएं विज्ञान और गणित में न केवल दक्ष बनें, बल्कि आत्मनिर्भर भविष्य की ओर भी मजबूती से कदम बढ़...