रांची, मार्च 23 -- रांची, विशेष संवाददाता। गजलकार, कवि और प्रगतिशील लेखक संघ, झारखंड के सक्रिय सदस्य (सचिव) प्रवीण परिमल का सोमवार की सुबह एक निजी अस्पताल में देहांत हो गया। वह विगत दो-तीन वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे। उनके चर्चित काव्य संग्रह में- तुममें साकार होता मैं, रावण ऐसे नहीं मरेगा, प्रेम का रंग नीला शामिल हैं। बहुमुखी प्रतिभा के धनी प्रवीण परिमल सामाजिक रूप से भी लोकप्रिय थे। उनके निधन पर साहित्यकार डॉ अशोक प्रियदर्शी, डॉ माया प्रसाद, रविभूषण, प्रमोद झा, रणेंद्र, पंकज मित्र, मिथिलेश सिंह, रश्मि शर्मा, डॉ जिंदर सिंह मुंडा, प्रज्ञा गुप्ता सहित साहित्यकारों ने शोक प्रकट किया है।
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