मधुबनी, जुलाई 7 -- रहिका। महाकवि विद्यापति की वैवाहिक वंशावली पंजीकारों के प्राचीन एतिहासिक पांडुलिपियों में सहेज कर रखा हुआ है। पंजीकार देवेन्द्र मिश्र एवं सुमित मिश्र के वंशज के पंजी में विश्व कवि कोकिल विद्यापति ठाकुर के जन्म से पूर्व 11 पीढ़ी तथा बाद के 16 पीढ़ी का वंश वृक्ष हस्तलिखित मौजूद है।

विद्यापति का जन्म स्थान पंजीकार श्री मिश्र ने बताया कि विद्यापति के जन्म के बारे में बंगाल के लोग भी दावा करते हैं कि विद्यापति का जन्म बंगाल में ही हुआ था। लेकिन मान्यता सरकार ने नही दिया है। सरकार के संग्रहालय में विद्यापति के जीवन काल के काव्य संग्रह रचना एवं कीर्ति लता आदि पुस्तकें प्रकाशित हैं। लेकिन विद्यापति जन्म एवं वंश से संबंधित ठोस जानकारी स्पष्ट पंजीकारों के पास ही है।

पंजीकारों का कार्य पंजीकार ही ऐसे कार्य कुशलता से किये हुए हैं क...