अररिया, नवम्बर 26 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। कल तक जहां था चमन ,आज वहां है वीरानगी। जहां ग्राहकों की भीड़ रहती थी वहां पर राख की परतें उड़ रही हैं। चहल-पहल से भरा सिमराहा बाजार मंगलवार की सुबह अचानक ऐसी आग में घिरा कि देखते ही देखते करीब ढाई दर्जन छोटी बड़ी अधिक दुकानें देखते-देखते खाक में तब्दील हो गईं। करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक नुकसान की आशंका है। जिन दुकानों में कल तक रौनक थी, वहीं आज टूटे सपनों की गूंज सुनाई पड़ रही है। बाजार के वो छोटे-छोटे प्रतिष्ठान, जिनसे कई परिवारों का पेट पलता था, अब राख के ढेर में बदल चुके हैं। दुकान मालिकों के चेहरे पर न चमक है, न उम्मीद ,सिर्फ खामोशी, आंसू और निराशा। घटनास्थल पर मेला जैसा भीड़ जरूर जुटी है, पर इस भीड़ में न उत्साह है, न जश्न। यह भीड़ है सहानुभूति की, टूटे मन को सांत्वना देने की। राख में तब्दील ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.