कल गुरु प्रदोष व्रत की शाम में इतने बजे से करें शिव पूजा, जानें प्रदोष उपाय, विधि और महत्व
नई दिल्ली, मई 13 -- kal Pradosh Time Guru Pradosh Vrat 2026: गुरु प्रदोष व्रत का संयोग तब बनता है, जब त्रयोदशी तिथि गुरुवार के दिन पड़ती है। यह व्रत भगवान शिव के साथ-साथ बृहस्पति देव की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिन व्रत रखने से शत्रुओं पर विजय, सुख-सौभाग्य और संतान सुख की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं गुरु प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त, पूजा-विधि, उपाय और महत्व-गुरु प्रदोष व्रत की शाम में इतने बजे से करें शिव पूजा, जानें प्रदोष उपाय, विधि और महत्व वैशाख कृष्ण त्रयोदशी तिथि प्रारंभ 14 मई 2026 के दिन सुबह में 11:20 बजे से। त्रयोदशी तिथि समाप्त- 15 मई 2026, सुबह 08:31 बजे तक। पूजा का सबसे शुभ समय (प्रदोष काल): शाम 07:05 से रात 09:09 के बीच, जिसकी अवधि 02 घंटे 05 मिनट्स रहेगी। अमृत काल- शाम 07:04 से 08:22 तक (यह समय मानसिक श...
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