कलेजे के टुकड़ों को रोता छोड़ मां ने थामा भतीजे का दामन
मैनपुरी, जून 13 -- बेवर। मोबाइल की स्क्रीन पर शुरू हुई एक मामूली बातचीत जब अंधा प्यार बन जाए, तो हंसते-खेलते परिवार के सपने टूट जाते हैं। इसका जीवंत उदाहरण बेवर क्षेत्र के ग्राम नवादा में देखने को मिला। तीन बच्चों की एक मां पर इश्क का ऐसा खुमार चढ़ा कि उसने ममता के पावन आंचल को तार-तार कर दिया। अपने कलेजे के तीन मासूम टुकड़ों को बिलखता छोड़ वह अपने रिश्ते के भतीजे प्रेमी का दामन थामकर चली गई। दस साल पहले जिस दहलीज पर उसने बहू बनकर कदम रखा था, आज उसी घर के तीन मासूमों की चीखें वहां मौजूद हर शख्स का दिल दहला रही थीं। पिछले तीन साल से छिपकर चल रहे प्रेम प्रसंग की भनक जब पति को लगी, तो विवाद थाने तक पहुंच गया। महिला ने गुजरात से अपने प्रेमी को बुला लिया और कानूनन उसके साथ रहने की जिद पर अड़ गई। महिला को कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने बयान देकर...
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