कलुषित कर्म और खान पान का परित्याग करें: पंडित रमेश मिश्र
छपरा, मई 27 -- जलालपुर, एक प्रतिनिधि। कलयुग में मनुष्य का खान पान रहन सहन सब कुछ कलुषित हो गया है। इसलिए कलुषित कर्म और खान पान का परित्याग करें। आज जल, वायु, धरती सब कुछ प्रदूषित हो गया है। ऐसे में भगवान का साक्षात्कार और भक्ति ही एक मात्र उपाय है। यह बात किशुनपुर में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में गोरखपुर से पधारे कथावाचक पंडित रमेश मिश्र ने बुधवार को दिन में भागवत कथा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि हम सभी कार्यों को छोड़ कर ज्ञान और वैराग्य को अपनाएं। इससे अपना भी लाभ है और समाज का भी कल्याण होगा। नारद जी ने भी यही काम किया है। उन्होंने कहा कि जो अपने विवेक का उपयोग करते हैं उन पर कलयुग का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। भागवत कथा सुनने से मनुष्य को सीधे बैकुंठ प्राप्त होता है। जिनके चित में भक्ति बस जाए वह कभी नाश को प्राप्त नहीं होता। ...
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