जामताड़ा, फरवरी 11 -- कलियुग में हरिनाम ही श्रेष्ठ साधन : आचार्य रामकुमार चक्रवर्ती कुंडहित,प्रतिनिधि। बुधवार को कुंडहित प्रखंड अंतर्गत बनकाठी स्थित गौर गदाधर मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा के दुसरे दिन पश्चिम बंगाल के नवद्वीप धाम से पधारे कथा वाचक आचार्य रामकुमार चक्रवर्ती ने श्रद्धालुओं को श्री श्री चैतन्य चरितामृत कथा अमृत का रसपान कराया। उन्होने पंचतत्व का वर्णन करते हुए चैतन्य महाप्रभु के अवतार का उद्देश्य, कलियुग का स्वरूप, हरि नाम महामंत्र प्रचार का उद्देश्य, श्री कृष्णा गौरांग महाप्रभु का अवतार, महाप्रभु का जन्म लीला, प्रभु का उपनयन लीला, नित्यानंद मिलन,भक्त,भक्ति और भगवान-इन तीनों तत्वों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हम सभी कलियुग के जीव हैं और चैतन्य चरिताअमृत की कथा तथा महाप्रभु की लीलाओं का श्...