कलियुग में हरिनाम संकीर्तन ही मुक्ति का द्वार
मुरादाबाद, मई 18 -- मुरादाबाद। द्वारिकाधीश मंदिर कांशीराम नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास धीर शांत दास ने कहा कलियुग में हरिनाम संकीर्तन ही मुक्ति का आधार है। यदि हम अपना लक्ष्य भगवान को पाना रखते हुए निस्वार्थ भाव से आगे बढ़ें तो लक्ष्य मिलना लगभग तय है। उन्होंने कहा भगवान सदैव न्याय कारी हैं। मगर साधक को समझना चाहिए कि भगवान हमेशा दया करने वाले हैं। व्यवस्था में सारिका अग्रवाल, सोनाली सरोज, निर्देश पाल, प्रेमा पांडे, उमा यादव, डा. संजीव लाल, ममता चौधरी, हेमा जोशी,नेहा, सुधा शर्मा, दीपशिखा, सौरभ अग्रवाल आदि शामिल रहे। यह भी पढ़ें- कृष्ण जन्म के प्रसंग पर झूमते रहे श्रद्धालु यह भी पढ़ें- भागवत कथा से मिलती है मन की शांति
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.