लोहरदगा, मार्च 9 -- कुडू, प्रतिनिधि।श्रीमद्भागवत भगवान साक्षात श्रीकृष्ण का वांग्मय स्वरूप है, जिसकी महिमा अपार है। यह कलयुग में मोक्ष, पाप-नाश, और भक्ति प्रदान करने वाला सर्वोच्च ग्रंथ माना जाता है। सात दिनों की भागवत कथा से अकाल मृत्यु टलती है, आरोग्य मिलता है। अशांत जीवन में सुख-शांति व भगवान के चरणों में भक्ति प्राप्त होती है। उक्त बातें सोमवार को व्यास पीठ से कथा के दौरान वृंदावन के संत प्रभु दास जी महाराज ने उपस्थित भक्तवृंद से संवाद करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि भागवत में केवल सत्य की महिमा बतायी गई है। लोगों का कल्याण सत्य से ही होगा। हमें सत्य के मार्ग में चलना चाहिए। सत्य, धर्म के मार्ग में चलने वाला शुरुआत में परेशान हो सकता है, लेकिन पराजय नहीं हो सकता, सत्य की ही विजय होती है। उक्त बातें लोहरदगा कुडू के बरवाटोली में चल रहे श्...
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