मधुबनी, मार्च 10 -- मधुबनी। श्रीमद्भागवत महापुराण हमें मोक्ष प्राप्ति के लिए मृत्यु से पहले के कर्मों का मार्गदर्शन करती है। कलियुग में केवल भगवान का नाम जपने से सहज ही भक्ति व मोक्ष की प्राप्ति होती है। अन्य युगों में कठिन तपस्या से मोक्ष की प्राप्ति होती थी। ये बातें कथावाचक डॉ. पंकज कुमार झा ने रविवार को कहीं। रहिका प्रखंड के कनैल गांव में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पहले दिन की शुरुआत कलश यात्रा से हुई। पवित्र जीबछ नदी से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरकर कथा स्थल पर स्थापित किया गया। कथा व्यास डॉ. पंकज कुमार झा ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने भक्ति-ज्ञान-वैराग्य प्रसंग में नारद जी द्वारा भक्ति को उसके पुत्रों ज्ञान और वैराग्य से मिलाने की कथा सुनाई। कथा के दौरान व्यास जी ने...
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