गाजियाबाद, अप्रैल 20 -- गंभीर बीमारी से जूझ रही एक बुजुर्ग महिला को अपने 19 साल के पोते की बदौलत अब नया जीवन मिल गया है। पोते ने दादी की गंभीर हालत को देखते हुए ने केवल अपनी बोर्ड परीक्षा छोड़ दी, बल्कि दादी की जान बचाने के लिए अपना लिवर तक दान कर दिया। अब दादी-पोता दोनों ही स्वस्थ हैं। बिहार के हाजीपुर में रहने वाली 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुनीता देवी को 31 जनवरी 2026 को गंभीर हालत में गाजियाबाद के वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लिवर एवं पित्त विज्ञान केंद्र, मैक्स के समूह अध्यक्ष डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि सुनीता देवी लिवर सिरोसिस बीमारी से पीड़ित थीं। उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। परिजनों से बात कर लिवर ट्रांसप्लांट करने पर सहमति बनी। लिवर डोनेट करने के लिए सुनीता के बेटे और बहू समेत अन्य कई परिजनों की जांच ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.