मधुबनी, दिसम्बर 9 -- मधुबनी। राष्ट्रीय हस्तकरघा सप्ताह कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए हस्तशल्पि विभाग के सहायक निदेशक बीके झा ने कहा कि कृषि के बाद हस्तकरघा क्षेत्र ही ऐसा क्षेत्र है, जिसमें सर्वाधिक लोगों को रोजगार मिलता है। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा रोजगार प्रदान करने वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि हस्तकरघा सप्ताह का उद्देश्य पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करना, कारीगरों को सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनर्भिर बनाना है। इन्होंने बताया कि आठ से चौदह दिसंबर तक मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय हस्तकरघा सप्ताह वर्ष 2025 कारीगरों को सशक्त बनाना परंपरा को आगे बढ़ाना विषय पर आधारित है। इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक हस्तकरघा और हस्तशल्पि को संरक्षण देना तथा कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। हस्तकरघा सप्ताह के दौरान प्रशक्षिण शिविर, प्रदर्शनी, स...