भागलपुर, मई 14 -- ​भागलपुर, वरीय संवाददाता। गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में चल रहे इंटर्नशिप प्रोग्राम में संगीत और कला के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य वक्ता कलाकार डॉ. जयंत जलद ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मानसिक शांति और रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाला सशक्त माध्यम है। उन्होंने अनुशासन और बौद्धिक विकास के लिए कला के उपयोग पर जोर देते हुए इसे संस्कृति संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। ​कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन डॉ. जयंत जलद, डॉ. अजीत कुमार शांत और डॉ. देवेंद्र गुप्त ने छात्राओं को गीत प्रस्तुति के तकनीकी पहलुओं से रूबरू कराया। केंद्र के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र गुप्ता ने कहा कि यह तकनीकी ज्ञान छात्राओं के जीवन जीने की कला में गुणात्मक सुधार लाएगा। यह भी पढ़ें- कला और संगीत से निखरता है व्यक्तित्व: डॉ. जयंत जल...