समस्तीपुर, दिसम्बर 6 -- समस्तीपुर। रंगमंच का उपयोग नाटकों, संगीत, नृत्य, और अन्य कला को प्रस्तुत करने के लिए किया जाता है। रंगमंच लोगों को मनोरंजन के साथ कला और संस्कृति के बारे में भी शिक्षित करता है। कलाकार रंगमंच से अपने अंदर के डर और भय को समाप्त कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं। जिले में रंगमंच के कलाकार तकनीक सुविधाओं के अभाव के कारण पिछड़ते जा रहे हैं। इसको लेकर हिंदुस्तान अखबार में 'बोले समस्तीपुर' कार्यक्रम के दौरान 27 नवंबर को प्रकाशित 'सुविधा मिले तो यहां के कलाकार भी देशभर में नाम करेंगे रोशन' शीर्षक से खबर छपी थी। इसको लेकर जिला कला संस्कृति पदाधिकारी जूही कुमारी ने अच्छी पहल करते हुए जल्द ही आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र खुलने को लेकर पहल की है। उन्होंने बताया कि जल्द ही आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में शिक्षक की बहाली हो जाएगी। इ...
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