घाटशिला, अप्रैल 4 -- पोटका। प्रखंड के हाकाई गांव में शुक्रवार को कलश यात्रा के साथ दो दिवसीय अखंड हरिनाम संकीर्तन शुरू हुआ। कलश यात्रा में 108 से ज़्यादा कन्याएं शामिल हुई। मौके पर मुखिया सुखलाल सरदार, पंडित सुधांशु शेखर मिश्रा ने कहा चैतन्य महाप्रभु झारखंड के रास्ते से हरि नाम करते हुए पुरी धाम गए थे। जंगल के जानवर और पक्षी भी उनके साथ हरि नाम में नृत्य करने लगे। झारखंड राज्य में चैतन्य महाप्रभु के चरण धूल पड़ने के कारण हरिनाम संकीर्तन का प्रभाव है। झारखण्ड के हर जिले में हरिनाम संकीर्तन का आयोजन होता है। महाप्रभु ने सभी धर्म के लोगों को हरिनाम संकीर्तन का अधिकार दिया था। इसलिए सभी धर्म और जाति के लोग हरिनाम करते हैं। इस अवसर पर सुनील कुमार डे, बलराम गोप, रामकृष्ण सरदार, भीम भट्टाचार्य, सुधीर सरदार, अमल बिस्वास, निताई महाकुड़, अभिजीत सेन...
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