भागलपुर, अप्रैल 29 -- सुल्तानगंज। निज संवाददाता कलयुग में भगवान की भक्ति ही सबसे महत्वपूर्ण सार है। इससे बैकुंठ की प्राप्ति होगी अमर कथा इस कलीकाल में जिसे प्रेम से सुन लिया उसका दुख पाप कष्ट दूर हो जाता है। ये बातें नगर परिषद क्षेत्र के जयनगर भगवती स्थान में आयोजित संगीत में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्री धाम वृंदावन से पधारी कथा वाचिका प्रीति किशोरी जी ने कही। उन्होंने कथा को विस्तार से सुनाते हुए कहा कि अमर कथा सब के भाग्य में नहीं है। क्योंकि भगवान भोलेनाथ जी समय मैया पार्वती को कथा श्रवण कर रहे थे मैया पार्वती कथा को श्रवण कर रही थी तभी कथा के बीच में ही उनको नींद आ जाती है। यह भी पढ़ें- राधे राधे की जयघोष मसलिया का चांदना गांव हुआ भक्तमय माहौल उस कथा को तोती का अंडा जिससे एक बच्चा उत्पन्न होता है। उसे तोती के बच्चे ने उस अमर कथा...