दुमका, मार्च 28 -- दलाही, प्रतिनिधि। मसलिया प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत गुमरो गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की कथा मे अजामिल का चरित्र सुनाते हुए महाराज जी ने बताया की कलयुग में सबसे ज्यादा भगवान के नाम की महिमा है भगवान का नाम ही सर्वोपरि है सतयुग में ध्यान करने से त्रेता युग में यज्ञ करने से द्वापर में पूजन करने से जो फल मिलता था कलयुग में केवल जीव मनुष्य भगवान का नाम ही सच्चे मन से ले ले तो बेडा पार हो जायेगा। भक्तराज प्रहलाद जी के चरित्र से अटूट भक्ति, ईश्वर पर अटूट विश्वास और सत्य के प्रति विश्वास की शिक्षा मिलती है। हमें सिखाया जाता है कि किसी भी परिस्थिति में, खासकर कठिनाइयों में, ईश्वर में विश्वास रखना चाहिये : कृष्ण के जन्म के प्रकट से भक्ति, प्रेम और करुणा की शक्ति, अधर्म पर धर्म की विजय, बाधाओं क...
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