बरेली, अप्रैल 20 -- कोहाड़ापीर क्षेत्र में स्थापित कायस्थ समाज के प्रतीक चिह्न कलम-दवात को स्थानांतरित किए जाने पर अब सियासत गरमा गई है। इस मुद्दे को लेकर समाज के लोगों और नगर निगम के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। पार्षदों ने मेयर, नगर आयुक्त को पत्र भेजकर सवाल पूछते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। पार्षद सतीश चंद्र कातिब का कहना है कि कलम-दवात की स्थापना नगर निगम बोर्ड की स्वीकृति और तत्कालीन नगर आयुक्त की अनुमति से की गई थी। ऐसे में अब इसे अतिक्रमण बताकर हटाने की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। यदि यह स्थल अवैध था तो उस समय इसकी अनुमति क्यों दी गई, बल्कि इसका उद्घाटन और लोकार्पण भी नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने क्यों किया। इसके अलावा इस स्थल के सौंदर्यीकरण पर खर्च की गई धनराशि को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इसे वित...