कर्म ही मानव जीवन का आधार, संस्कार से बनता है व्यक्तित्व : चौहान
रुडकी, अगस्त 31 -- लंढौरा, संवाददाता। दर्जाधारी डॉ. जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि कर्म ही मानव जीवन का आधार है। ज्ञान, चरित्र और संस्कार के समन्वय से ही व्यक्ति महान बनता है। संस्कार व्यक्ति को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इसलिए छात्रों की शिक्षा के साथ संस्कारों का समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने सोमवार को चमन लाल महाविद्यालय में दीक्षारंभ छात्र प्रेरणा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। कहा कि छात्रों को पढ़ाई के साथ महाविद्यालय की किसी न किसी गतिविधि से अवश्य जुड़ना चाहिए। इससे उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होगा।
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