गोंडा, अप्रैल 25 -- करनैलगंज, संवाददाता। ग्राम कुंअरपुर अमरहा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा प्रवाचक चंद्रकुमार शुक्ल चन्दा ने अजामिल चरित्र, प्रहलाद चरित्र, पुरंजन उपाख्यान एवं गजेन्द्र मोक्ष की कथा प्रस्तुत की। कथा का सारांश प्रस्तुत करते हुए प्रवाचक ने कहा कि तीन चीजें बड़े भाग्य से मिलती हैं मानव जीवन, सत्संग एवं अच्छे मित्रों का सानिध्य। सादा जीवन और उच्च विचार सनातन धर्म की पृष्ठभूमि रही है। हम सबको अपने कर्तव्य कर्म का पालन बहुत ही कर्मठता से करना चाहिए। क्योंकि कर्म ही पूजा है, इसे भूलना नहीं चाहिए। साधु की संगति इतर बेचने वाले की संगति के समान लाभकारी है। यदि इतर बेचने वाले के पास बैठा जाय तो उसको कुछ न देने पर भी उससे सुगंधी मिलती है। यह भी पढ़ें- सत्संग से जागृत होती है बुरे कर्मों को त्यागने की प्रवृति: वैसे संत-सज्जनों के...