देहरादून, जनवरी 24 -- भारत कर्म भूमि है, यहां जैसा कर्म करोगे उसको भोगना पड़ता है। कर्म ही हमारे भाग्य के निर्माता होते हैं। यह बात अर्द्धनारीश्वर मन्दिर किशनपुर में भक्तों को संबोधित करते हुए शनिवार को कथावाचक आचार्य शिवप्रसाद ममगांई ने कही। उन्होंने कहा कि जो अच्छे कर्म करता है वह परिणाम के प्रति अधिक चिंतित नहीं होता। इसलिए सदैव अच्छा करो और निश्चिंत हो जाओ क्योंकि समय लग सकता है। आपने फूलों का बीज बोया है तो आपके आंगन में फूल ही खिलने वाले हैं। वर्तमान के अच्छे-बुरे कर्म ही भविष्य में हमारे भाग्य का निर्धारण करने वाले हैं। परमात्मा से कभी शिकायत मत करो, क्योंकि आप अभी इतने समझदार नहीं हुए कि उसके इरादे को समझ सकें। मौके पर पूर्व पार्षद उर्मिला थापा, भूपेन्द्र सिंह नेगी, कुसुम नेगी, नीतू रावत, माला बंगवाल, अशोक थापा, गौरव थापा, अनुभव न...
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