बेगुसराय, अप्रैल 19 -- गढ़पुरा, एक संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय राम जानकी ठाकुरबाड़ी परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सह ज्ञान यज्ञ समापन पर शनिवार की रात को जन सैलाब उमड़ पड़ा। कथा वाचिका वैदेही जी ने कहा कि जो जीव भक्ति रूपी रस्सी से अपने मन को भगवान के चरणों में बांध देता हैं, ईश्वर अपने लोक को छोड़कर उस भक्त के हृदय में प्रगट हो जाते हैं। ऐसी कोई जगह नहीं या ऐसा कोई हृदय नहीं जहां ईश्वर का वास नहीं हो। लेकिन उस घट की बलिहारी है जिस घट में ईश्वर प्रगट होते हैं। उन्होंने कहा कि कर्म का फल भगवान को भी भोगना पड़ा है तो फिर इंसान की क्या बिसात है। यह भी पढ़ें- थानापुर में श्रीमद्भागवत कथा का हुआ समापन शरीर किसी का भी हो, जिसका जन्म होता है, वह छूटता जरूर है। भगवान का भी शरीर छूट गया और वे बैकुंठ चले गए। जिस समय भगवान अपने...
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