लखनऊ, अप्रैल 15 -- केजीएमयू में कर्मचारी परिषद की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का आरोप है कि परिषद से जुड़े कुछ सदस्य एसीपी लगवाने, स्थानांतरण और कन्फर्मेशन के नाम पर जबरन वसूली कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि पैसे वापस मांगने पर उन्हें धमकाया जा रहा है। इस मामले में कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि परिषद के सदस्य कर्मचारियों से विभिन्न कार्यों के लिए पैसा लेते हैं। आरोप है कि चुनाव के दौरान समर्थन पाने के लिए कर्मचारियों को प्रलोभन दिए गए। अब पद पर आने के बाद लगातार वसूली की जा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से संस्थान में सेवा दे रहे हैं। अधिकतर समय मरीजों की देखभाल में लगाते हैं। अब आर्थिक दबाव और डर के माहौल में काम करन...